Email Marketing क्यों जरूरी है? 2019

By | June 21, 2018

Email Marketing क्यों जरूरी है? 2019

नमस्कार दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं कि ईमेल मार्केटिंग क्या है और ईमेल मार्केटिंग क्यों जरूरी है…..

मुझे लगता है यह नमस्कार दोस्तों बोलना मेरी आदत हो गई है… पर कोई बात नहीं उम्मीद है आप लोग मैनेज कर लोगे..

तो आज का टॉपिक है कि ईमेल मार्केटिंग क्यों जरूरी है अब सबसे पहले सोचने वाली बात यह है कि अभी भी कुछ लोगों को लगता है कि ईमेल मार्केटिंग का अब जमाना गया!

और उन कुछ लोगों में थोड़े दिन पहले तक मैं भी था.. फिर मैंने Facebook का नया algorithm चेंज देखा.. और मुझे समझ में आ गया कि ईमेल मार्केटिंग ही हर चीज का रामबाण इलाज है..

जहां तक रही बात रामबाण शब्द की.. तो उसे मैंने इलाहाबाद के कुंभ मेले में एक दुकान पर सुना था

फर्जी की बकैती बंद करते हैं और आते हैं काम की बात पर

अभी कुछ दिन पहले Facebook पर बहुत लोगों ने Facebook पेज बनाया और अपनी अपनी वेबसाइट, brand को प्रमोट करना चालू कर दिया..

और ढेर सारा ट्रैफिक अपने Facebook page से अपनी Website पर लाने लगे.. लोगों को लगने लगा कि ईमेल मार्केटिंग अब एक पुराने जमाने की चीज हो गई है..

क्योंकि बहुत कम लोग ही ईमेल में Subscribe करते हैं और Facebook पेज को ज्यादातर लोग लाइक कर लेते हैं

और अगर आप Facebook पर कोई पोस्ट शेयर करो तो उसको ज्यादातर लोग पढ़ते भी हैं और शेयर भी करते हैं

फिर कुछ दिन पहले मार्क जुकरबर्ग ने एक नया algorithm update निकाला..

जिससे कि सभी Facebook पेज की audience reach.. लगभग लगभग जीरो हो गई

अब ऐसे में ट्रैफिक सिर्फ उन्हीं लोगों की वेबसाइट पर आ रहा था .. जिन्होंने ईमेल लिस्ट बनाई थी

देखो साधारण सी बात यह है कि काम ऐसा करो कि लगातार ट्रैफिक आता रहे ऐसा नहीं कि 4 दिन की चांदनी और फिर घुप अंधेरा..

फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस इन सब से आप ट्रैफिक ला तो सकते हो.. पर कोई गारंटी नहीं है कि अगली बार भी वह आपकी वेबसाइट visit करेंगे

वहीं अगर आप same imtrest के हजार दो हजार लोगों की एक ईमेल लिस्ट बना लेते हो..

तो हर बार नया पोस्ट अपडेट होने पर उन लोगों को ईमेल भेज कि आप लगातार उन्हीं लोगों से 500 से 1000 Daily visitors ला सकते हो

एक सर्वे के मुताबिक हर भेजे गए ईमेल में से 54 लोग ईमेल को खोलकर पड़ते हैं

तो चलो अब ईमेल मार्केटिंग के फायदे को पॉइंट में डिस्कस कर लेते हैं

कनेक्शन

सबसे पहली बात मैं जो भी पॉइंट बता रहा हूं यह मैंने कहीं से पढ़े नहीं है यह मैंने खुद सोचे हैं और अपनी मर्जी से बता रहा हूं

तो पहली बार पढ़ने में थोड़ा सा आपको ऐसा फील हो सकता है

कनेक्शन यानी कि जब कोई आपकी वेबसाइट खोलता है और आप उसे पर्सनली ईमेल भेजते हो..
कि हमारी वेबसाइट पर नया पोस्ट आया है आप चाहे तो उसे पढ़ सकते हैं…

तो उस विजिटर को आपकी वेबसाइट से ज्यादा कनेक्टेड फील होता है और अगली बार अगर सर्च इंजन में उसके सवाल से रिलेटेड 10 वेबसाइट में दिखेंगी

तू ज्यादा उम्मीद है कि वह आपकी वेबसाइट को खुलेगा क्योंकि वह आपकी वेबसाइट से familiar हो चुका है

ऑडियंस बेस-

ऑडियंस बेस यानी कि आप के पास एक ही इंटरेस्ट से रिलेटेड लोगों की डिटेल आ जाएंगी..

यानी कि जैसे आपकी वेबसाइट है automobile के बारे में और आपने अपनी वेबसाइट पर ईमेल सब्सक्रिप्शन का plugin लगा कर के 1 साल में 10000 लोगों की ईमेल लिस्ट बना ली

और अगर अब आप ऑटोमोबाइल से रिलेटेड कोई नया पोस्ट करते हैं और उन 10000 लोगों को ईमेल भेजते हैं

तो उनमें से 4000 – 5000 हजार लोग आपके पोस्ट को पड़ेंगे ही पड़ेंगे .. और अगर आप हर दिन एक पोस्ट करते हैं … तो उस हिसाब से आपकी वेबसाइट पर 400000 का Monthly ट्रैफिक बिना Google के आएगा…

आज आपकी वेबसाइट Google पर रैंक हो रही है मान लीजिए कल किसी कारण से Google ने आपकी वेबसाइट को रैंक करना बंद कर दिया या फिर आपकी वेबसाइट की रैंकिंग धीमे धीमे Google के सर्च इंजन में कम हो गई!

तब भी आपकी वेबसाइट पर हर महीने 4.5 लाख लोग आते रहेंगे

सस्ता –

वैसे मुझे सस्ता के अलावा और कोई शब्द नहीं मिल रहा था

पर अगर अपनी भाषा में कहूं तो आप इसे अफोर्डेबल या फिर औकात में भी कह सकते हैं

देखो अगर आप कोई भी बुक लॉन्च करते हो.. और उसको आप डिजिटली बेच रहे हो.. और आप उसे Facebook पर एडवर्टाइज कर रहे हो तो आप को 10000 लोगों तक पहुंचने में 3000 से 4000 लग जाएंगे

और उन 10000 लोगों के आपकी बुक को खरीदने की उम्मीद भी बहुत कम होगी यानी कि Facebook एड से डायरेक्ट सेलिंग का जो कन्वर्जन Ratio होता है वह भी बहुत कम होगा !

वहीं अगर आप उसके कंपैरिजन में ईमेल लिस्ट को यूज़ करते हैं.. तो आपको 10000 लोगों तक अपना ईमेल भेजने में 200 – 300 Rs से ज्यादा नहीं लगेगा

और अगर देखा जाए तो एक ही तरह का इंटरेस्ट होने के कारण आपका कन्वर्जन Ratio 10 से 15% तक जा सकता है

जिसे कि बहुत ही अच्छा कन्वर्जन रेट माना जाता है..

यहां तक कि कुछ ब्लागर्स का तो कहना है अपनी वेबसाइट पर एडसेंस का एडवर्टाइज लगाने की जगह ईमेल का सब्सक्रिप्शन बॉक्स लगा दिया और अब वह Adsense से चार पांच गुना ज्यादा पैसे कमा रहे हैं

और अपनी ईमेल लिस्ट से पैसे कमाने के लिए वह एफिलिएट मार्केटिंग का यूज़ करते हैं

तो दोस्तों यह रही वह चीज है जो मुझे लगता है जिनके कारण ईमेल मार्केटिंग जरूरी है और हर वेबसाइट के पास अपनी खुद की एक ईमेल लिस्ट होनी चाहिए मुझे पता है मैंने बहुत से टॉपिक नहीं कवर किए हैं पर मैं यह भी आपको बता सकता हूं कि वह सारे टॉपिक और बहुत से ब्लॉगरस्ने कवर किए हैं

और मैंने उन टॉपिक्स को कवर इसलिए नहीं किया क्योंकि मैं आपको एक ही जानकारी 50 वेबसाइट पर पढ़ा कर उन सभी वेबसाइटों से भरोसा नहीं उठाना चाहता
मैं कोशिश कर रहा हूं कि अपनी इस वेबसाइट पर को वह जानकारी दे सकूं जो आपको कहीं और ना मिले

ताकि अगली बार जब आप को गूगल पर मेरी वेबसाइट का नाम देखें.. तो आपके मन में भी यह बताएं कि सारी दुनिया की वेबसाइट एक तरफ और CodeInHindi की वेबसाइट एक तरफ

बहुत हो गया कॉपी पेस्ट करके ब्लॉगिंग करना अब होगा असली दंगल

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अगर आप मुझसे कुछ पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करें और अगर आप कुछ बताना चाहते हैं तो जरूर कमेंट करें

पोस्ट पढ़ने के लिए धन्यवाद

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